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आनन्दवाहिनी द्वारा की गई सामूहिक हनुमत आराधना

जांजगीर चांपा – ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर एवं हिन्दू राष्ट्र प्रणेता अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाराज द्वारा सनातन संस्कृति संरक्षणार्थ संस्थापित संगठन धर्मसंघ पीठपरिषद् , आदित्यवाहिनी – आनन्दवाहिनी छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा शीघ्र हिन्दू राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ पूर्णिमा तिथि को प्रदेश भर में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय में दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी किरण मिश्रा के चंदनियापारा स्थित निवास में भी आनन्दवाहिनी के द्वारा अंजू दीवान के नेतृत्व में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। जिसमें श्रीमति अंजू दीवान , श्रीमति पूनम गौरहा , मंदाकिनी मिश्रा , संध्या पाठक , गोदावरी मिश्रा , सरोजनी शुक्ला , रमा शुक्ला , प्रीति राठौर , स्वाती तिवारी , कामिनी यादव , फूलकांती सिंह , लक्ष्मी सोनी और सुचिता मिश्रा उपस्थित रहे। बताते चलें यह सामूहिक पाठ अब प्रांतीय स्तर पर प्रत्येक माह के पूर्णिमा तिथि को निर्धारित समय शाम छह बजे से सात बजे तक संगठन के बैनर के साथ मठ – मंदिर – कार्यालय में प्रत्येक जिला , जोन , नगर , ग्रामीण स्तर तक समस्त इकाईयों में एक साथ आयोजित किया जाना है। जिससे कि समाज में प्रत्येक स्तर पर हिन्दू राष्ट्र निर्माण के प्रति सक्रियता एवं जागरुकता का वातावरण निर्मित हो। उल्लेखनीय है कि आज से दो वर्ष पूर्व चातुर्मास्य के अवसर पर श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी से पूज्य शंकराचार्यजी ने आगामी साढ़े तीन वर्षों ( 42 माह ) में भारत को हिन्दू राष्ट्र के रूप में उद्भाषित होने की घोषणा की थी। उपरोक्त घोषणा के क्रियान्वयन हेतु लगभग आधा समय बीत चुका है अतः बचे हुये समय में समस्त सनातनी धर्मावलंबियों से अपेक्षा है कि अपने अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पुरी शंकराचार्यजी के मार्गदर्शन में कार्य करते हुये अपने कार्यक्षेत्र को सुसंस्कृत , सुरक्षित , सम्पन्न , सर्वहितप्रद , सेवा परायण व्यक्ति एवं समाज के समूह के रूप में परिवर्तित करें , यही सशक्त हिन्दू राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होगी।उपरोक्त अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में जनजागरण हेतु प्रत्येक पूर्णिमा को आयोजित सामूहिक हनुमत आराधना में संगठन के सभी सदस्य इस अभियान को सफल बनाने में संघर्षरत हैं। संगठन का मानना है कि हनुमानजी बल , बुद्धि , विद्या के प्रतिमूर्ति हैं , जो भी श्रद्धापूर्वक उनकी आराधना करता है उसको ऐच्छिक फल की प्राप्ति होती है। सामूहिक हनुमत आराधना से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त कर हम सब हिंदू राष्ट्र के संकल्प को पूरा कर सकते हैं।

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