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धार्मिक यात्रा । अंचल के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई ।

चांपा श्रद्धा ,भक्ति ,आस्था और विश्वास के साथ मंदिरों का दर्शन करने निकले सेवा सहकारी समिति के उपाध्यक्ष बम्हनींडीह संतोष जायसवाल मित्रों के साथ ।

न्यूज बम्हनींडीह चांपा । महाराष्ट्र के नासिक में स्थित भगवान महादेव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से त्र्यंबकेश्वर ज्योंतिर्लिंग मंदिर काले पत्थरों से सुसज्जित हैं | इसका स्थापत्य एवं वास्तुकला अद्भुत हैं । इस मंदिर के संबंध में मान्यता हैं कि यहां स्थित शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था यानि कि इसे किसी ने स्थापित नहीं किया हैं | ये मंदिर महाराष्ट्र-प्रांत के नासिक जिले में त्रयंबक गांव में गोदावरी नदी के तट पर स्थित होने के कारण नाम त्र्यंबकेश्वर मंदिर नाम पड़ा है | इस मंदिर के अंदर एक छोटे-से गढ्ढे में तीन छोटे-छोटे लिंग हैं , इन्हें ही ब्रह्मा, विष्णु और शिव जी का स्वरुप माना जाता हैं । रख विश्वास तू हैं भगवान‌ महादेव का दास । इन्हीं पावन उद्देश्य को लेकर संतोष कुमार जायसवाल , उपाध्यक्ष सेवा सहकारी समिति बम्हनींडीह के उपाध्यक्ष ने आज मित्र मंडली के साथ दर्शन किया और विधि-विधान से ब्रम्हमुहूर्त में गर्भगृह में पूजा करके शशि ज्वेलर्स से खरीदे गए शिवजी को चांदी का मुकुट एवं शिवलिंग सेट दान किया । यात्रा में सहभागी रामदास वैष्णव सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष , रामलाल सहारे पूर्व‌ जनपद अध्यक्ष , संतोष कुमार, टीमन सिंह राज शिक्षक, फिरत निषाद , सुनील कुमार जायसवाल साथ रहे । समाचार-पत्रों से जुड़े शशिभूषण सोनी से एक संक्षिप्त चर्चा करते हुए जायसवाल जी ने कहा कि तीन नेत्रों वाले भगवान महादेव का इस क्षेत्र में धार्मिक महत्ता और मान्यता हैं । त्र्यंबकेश्वर राजा महाराजा कहा जाता हैं और प्रत्येक सोमवार को पालकी में प्रतिक रुप में पंचमुखी स्वर्ण मुखौटे को नगर भ्रमण कराया जाता हैं। लोक मान्यता हैं कि नगर भ्रमण के दौरान त्र्यंबकेश्वर महराज प्रजा का हाल जानने निकलते हैं ।

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